26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण Speech on Republic Day in Hindi for Teachers Students

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हम सभी को भारत का नागरिक होने का गर्व है। प्रतिवर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में हमारे देश भारत में मनाया जाता है। इस महान दिन को ना सिर्फ भारत में रहने वाले भारतीय बल्कि विश्व के कोने कोने में रहने वाले भारतवासी उत्साह के साथ मनाते हैं।
इसी दिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र देश बना था क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान पारित हुआ था। हर भारतीय हर साल इस दिन को ख़ुशियों के साथ मनाते हैं और देश के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देते हैं। हर भारतीय के जीवन के लिए यह दिन बहुत महत्व रखता है। पूरे भारत में हर जगह इस दिन को उत्साह के साथ लोग मनाते हैं।
आज हम इस आर्टिकल में हमने आपको गणतंत्र दिवस 2020 के लिए भाषण का एक सुंदर नमूना पेश किया है जिसे विद्यार्थी या अध्यापक गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर अपने स्कूल या अन्य कार्यक्रम के भाषण के लिए मदद ले सकते हैं। आप चाहें तो इस गणतंत्र दिवस के भाषण मैं अपने अनुसार कुछ बदलाव करके भी पेश कर सकते हैं।
प्यारे बच्चों आज मैं आपको 26 जनवरी पर भाषण देने जा रहा हूं। यह भाषण आप अपने स्कूल कॉलेज में इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको पसंद आएगा
आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी “गणतंत्र दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे देश में यह 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर मैं एक भाषण प्रस्तुत कर रहा हूँ।
इस वर्ष हम अपना 71 वाँ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। भारत में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए भारतीय संविधान सभा ने 1949 में इसे अपनाया था और 26 जनवरी 1950 में इसे लागू करके भारत एक लोकतांत्रिक देश बन गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 26 जनवरी को हुई थी। इसलिए गणतंत्र दिवस की स्थापना 26 जनवरी के दिन की गई थी। हमारा देश इसके साथ ही विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र देश बन गया था।
गणतंत्र का अर्थ है देश में सभी देशवासियों के लिए समान व्यवस्था और कानून स्थापित करना। हमारे देश में सभी धर्मों को, संप्रदायों को समान अधिकार और स्थान दिया गया है। हम सभी के लिए 26 जनवरी एक गौरव पूर्ण दिन है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों से आजाद हुआ था। हमारे देश में राष्ट्रपति सर्वोच्च शासक होता है।
सभी भारतवासी 26 जनवरी का दिन बहुत ही खुशी और उल्लास से मनाते हैं। देश की राजधानी दिल्ली में अनेक कार्यक्रम इस दिन मनाए जाते हैं। भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य नेता देश को संबोधित करते हैं। स्कूल के बच्चे अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। रंगारंग कार्यक्रम दर्शकों का मन मोह लेता है।  
लॉर्ड माउंटबेटन को हटाकर 26 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को हमारे देश का राष्ट्रपति बनाया गया था। इस दिन दिल्ली में राष्ट्रपति की राजकीय सवारी निकाली जाती है। भारत की तीनों सेना – नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी यहाँ मार्च करती है और लाल किले पहुंचती है। इस दिन सार्वजनिक समारोह में तरह तरह की झांकियां दिखाई जाती हैं जो लोगों का मनोरंजन करती हैं।
26 जनवरी के दिन शाम को नई दिल्ली में आतिशबाजी होती है आसमान में चारो तरफ रंगारंग आतिशबाजी होती है। राष्ट्रपति भवन को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। 26 जनवरी के दिन देश के सभी गांव और शहरों में स्कूल कॉलेजों में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। हमारे शिक्षक के इस दिन के महत्व के बारे में बताते हैं।
हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सभी देशवासियों को एकजुटता और आपसी प्रेमभाव से रहने की सलाह देते हैं। भारत में अनेकता में एकता पाई जाती है। देश में सभी धर्मों के लोग पूजा कर सकते हैं। अपने धर्मो का पालन कर सकते हैं। किसी पर कोई भी पाबंदी नहीं है। सभी को पूरी तरह स्वतंत्रता प्राप्त है। इस दिन स्कूल कॉलेज में मिठाइयां बांटी जाती हैं। बच्चों को 26 जनवरी के महत्व के बारे में बताया जाता है। हमारे शिक्षक इस दिन के बारे में बताते है। 
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, वल्लभ भाई पटेल, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू को संविधान सभा का सदस्य बनाया गया था। संविधान सभा ने ही हमारे देश का कानून बनाया है। संविधान निर्माण में कुल 22 समितियों ने योगदान दिया है। डॉ अंबेडकर ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में भारत का संविधान बनाया है।
26 जनवरी के दिन देश की राजधानी नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। सभी लोग बड़े सम्मान के साथ खड़े होकर राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं। दिल्ली में बहुत से भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक एक भव्य परेड निकाली जाती है।
रेजिमेंट, नौसेना, वायु सेना के सैनिक इसमें हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के बच्चे भी इसमें प्रतिभाग करते हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित “अमर जवान ज्योति” पर पुष्प माला डालकर शहीद सैनिकों का सम्मान करते हैं।
सभी शहीद सैनिकों की याद में 2 मिनट का मौन रखा जाता है। हमारे देश को स्वतंत्र करने में बहुत से लोगों ने बलिदान दिया है। अनेक देशभक्तों ने अपनी जान न्योछावर कर दी। प्रधानमंत्री सभी का आभार प्रकट करते हैं। दिल्ली में होने वाली परेड में विभिन्न राज्यों की झांकियां लगती है। सभी राज्यों की लोकगीत और कला का प्रदर्शन किया जाता है।
इस दिन विदेशों से बहुत से मेहमान और राजनेता आते हैं। कंबोडिया, लाओस मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड समेत 10 ASEAN देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रुप में हैं। इसके अलावा भूटान, फ्रांस रूस, सऊदी अरेबिया, ब्राज़ील, मॉरिशस, अल्जीरिया, नाजीरिया, नेपाल, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और मुख्य राजनेताओं को बुलाया जाता है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में भी गणतंत्र दिवस के बारे में बताते हैं
आशा है आपको मेरा भाषण पसंद आया होगा। अंत में कहूँगा की इन्ही शब्दों के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ।धन्यवाद!

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सबसे पहले आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। माननीय प्रिंसिपल, महोदय अध्यापकगण और मेरे प्रिय छात्रों, आज हम सभी यहां गणतंत्र दिवस को उत्साह के साथ मनाने के लिए एकत्र हुए हैं।
आज हम साल 2020 में हमारे देश भारत का 71वा गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। आज के इस महान उपलक्ष पर सबसे पहले मैं अपने महान निडर भारतीय सैनिकों को सलाम करना चाहता हूं जो दिन रात अपने जीवन पर खेलकर भारत की सुरक्षा करते हैं।

आज के दिन के महत्व को हर भारतीय को समझना बहुत ही आवश्यक है। इससे हम आने वाली पीढ़ी को भी समझा पाएंगे की गणतंत्र दिवस हमारे जीवन में क्या मूल्य और महत्व है। आज मुझे बहुत खुशी है कि मैं आप सबके समक्ष इस महान उपलक्ष पर अपने कुछ शब्द आप सबके सामने रख पाऊंगा।

मुझे अपने भारतीय होने पर गर्व है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पारित हुआ था। उसी दिन भारत को एक गणतंत्र देश के रूप में माना गया। गणतंत्र का अर्थ होता है लोगों द्वारा चलाए जाने वाले देश। यानी कि एक ऐसा देश जहां लोगों का निर्णय ही सर्वोपरि होता है। आज भारत में हर कोई नेता लोगों द्वारा ही चुनाव के माध्यम से बनाए जाते हैं। यानी कि एक ऐसा देश जो तानाशाहों से मुक्त है।

जैसे की हम सब जानते हैं 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हुआ था और उसके बाद 26 जनवरी 1950 को डॉ भीमराव अंबेडकर की मदद से भारत को एक मजबूत संविधान प्राप्त हुआ। उसी दिन के बाद से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है।

यह दिन मात्र अपने मित्रों, रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देने का नहीं है बल्कि यह वह दिन है जब हमें गणतंत्र दिवस के महत्व को समझना चाहिए और हर किसी के साथ साझा करना चाहिए। अंत में मेरा आप सभी से यह निवेदन है कि चलो साथ मिलकर कुछ ऐसा करें कि हम अपने देश को सफलता की ऊंचाई पर ले चलें।So

26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण Speech on Republic Day in Hindi for Teachers Students Rating: 4.5 Diposkan Oleh: PRAVIN VANKAR