हैप्पी भाईबीज शायरी शुभ संदेश हिंदी में, वोटसेप मेसेज, स्टेटस ।

(1)


कैसी भी हो एक

बहन होनी चाहिये..........।
.
बड़ी हो तो माँ- बाप से बचाने वाली.
छोटी हो तो हमारे पीठ पिछे छुपने वाली..........॥
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बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पाँकेट मे पैसे रखने वाली,
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली.........॥
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छोटी हो या बड़ी,
छोटी- छोटी बातों पे लड़ने वाली,एक बहन होनी चाहिये.......॥
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बड़ी हो तो ,गलती पे हमारे कान खींचने वाली,
छोटी हो तो अपनी गलती पर,साँरी भईया कहने
वाली...
खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली एक बहन होनी चाहिये.... ....॥

भाईबीज की शुभकामनाये


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(2)


भाई-बहन के रिश्तों को स्मिता,

पवित्रता और प्रगाढ़ता मिले !

सदाशयता और सहिष्णुता बनी रहे !

संस्कार और मर्यादा सदा कायम रहे !

भाईदूज पर्व पर सभी को सादर नमन और हार्दिक ह्रदय से मंगल मयी शुभकामनाएँ !


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(3)


दुनिया का सबसे अनमोल ख़ज़ाना होती हैं बहन...

भगवान का सबसे प्यारा तोहफ़ा होती हैं बहन......
दुख दर्द का सबसे मीठा सहारा होती हैं बहन.......

भाई दूज के इस त्योहार पर सभी को शुभ कामनाएे...


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(4)


"जानु" कहने बाली गर्लफ्रेंड न हो तो कोई बात नहीं

.
लेकिन
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'ओए हीरो' कहने बाली एक बहिन
जरुर होनी चाहिए।

भाईबीज की शुभकामनाये.


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(5)


Khushnasib hoti hai wo sisters

Jiske sir per bhai ka hath hota hai
Her pareshani mein uske sath hota hai
Ladna jhagadna phir pyar se manana
Tabhi to is rishte mein itna pyar hota hai.

Happy Bhai DooJ.


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भाई दूज (बीज) मान्यता मुजब वांचवालायक




भाई दूज (बीज)

                 भाई दूज दीपावली के पाँच दिन चलने वाले त्यौहार का अंतिम दिन होता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का दिन भाई दूज कहलाता

है। धन तेरस , रूप चौदस , दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद अगले दिन भाई और बहन के सम्बन्ध को और मजबूत बनाने वाले इस त्यौहार

का भाई बहन आनंद उठाते है।

           इस दिन बहने अपन भाई के रोली से तिलक और आरती करके भाई के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करती है। भाई अपनी बहन की हर प्रकार से सहायता करने का वचन देता है , तथा उपहार, मिठाई , आशीर्वाद आदि देकर प्रेम जताता है । रिश्तों को बांधने वाले इस प्रकार के

त्यौहार भारत की संस्कृति के परिचायक है।

                     भाई दूज  को यम द्वितीया भी कहते है। कहा जाता है की इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के पास गए थे। बहन ने उनका तिलक लगा कर स्वागत किया और प्रेम पूर्वक भोजन कराया था। कहते है जो बहन अपने भाई को इस दिन प्रेमपूर्वक भोजन कराती है उन्हें तिलक लगाकर उनकी सुख समृद्धि की कामना करती है वे सदा सौभाग्यवती रहती है। तथा जो भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक करवाता है

उसे यमराज का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस दिन यमराज और यमदूतों की पूजा की जाती है। साथ ही चित्रगुप्त की पूजा भी होती है।  यम द्वितीया  के दिन यमराज की पूजा से पहले यमुना नदी में स्नान किया जाना शुभ माना जाता है ।

यह भी मान्यता है की भगवान श्रीकृष्ण नरकासुर को मारने के बाद अपनी बहन सुभद्रा का घर गए थे। वहां सुभद्रा ने उनके मस्तक पर तिलक

लगा कर आरती उतार कर उनका स्वागत किया था। तभी से भाई दूज का यह त्यौहार मनाया जाने लगा।

वंदे मातरम


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