वो ऐसी कौनसी चीज़ है जिसे खरीदा तो खाने के लिए जाता है लेकिन कभी खाया नहीं जाता है?

सवाल 1 : जब मैं चार से साल का था तो अपने भाई से दुगनी उमर का था. अब मैं 18 साल का हू तो मेरे भाई की क्या उम्र होगी?
सवाल 2 : एक ऐसा शब्द बताइए जिसका पहला अक्षर काट दें तो भगवान का नाम, मध्य काट दें तो फल का नाम और अंतिम काट दे तो शस्त्र का नाम बन जाता है?
सवाल 3 : दो घरों मे आग लगी है जिसमें से एक घर अमीर का है और दूसरा घर एक ग़रीब का है. बताइए कि पुलिस पहले कौनसे घर की आग को बुझाएगी?
सवाल 4 : वो ऐसी कौनसी चीज़ है जिसे खरीदा तो खाने के लिए जाता है लेकिन कभी खाया नहीं जाता है?
उत्तर देखने के पहले खुद की बुद्धिमत्ता शक्ति का प्रयोग अवश्य करें। और हां अपने दोस्तो से शेयर करना ना भूलें।
उत्तर :
जवाब 1 : 16 वर्ष।
जवाब 2 : आराम।
जवाब 3 : पुलिस आग को बुझाने का काम ही नही करती है।
जवाब 4 : प्लेट, खाने के लिए लेते है लेकिन उसे खाया नहीं जाता।






यह पोस्ट कोपीराईट है-
उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे?
पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रहते हैं । अपनी अपनी प्रकृति है, कोऊ काहू में मगन, कोऊ काहू में मगन ! किन्तु कुछ लोग सिर्फ इसलिए भी उलझन में फँसे रहते हैं क्योंकि वे यथार्थ से पलायन करना चाहते हैं, यथार्थ को देखना तक नहीं चाहते । यथार्थ को जानना / समझना भी उन्हें अनावश्यक झमेला प्रतीत होता है ! सुविधापसंद ऐसे लोग भी अपने तरीके से सुखी / दुःखी होने के लिए मज़बूर / स्वतंत्र तो होते ही हैं !  

ज्यादातर लोगों को मुश्किल लगने वाले दिमागी सवाल हल करने में मजा आता है। कुछ सवाल तो ऐसे होते हैं जिसे सुनने के बाद लोग हार मान जाते हैं कि उनसे नही होगा तो कुछ लोग उसमे पर्सनल इंटरेस्ट लेते हैं और उस सवाल को हल कर के हीं मानते हैं। चलिए आज जानते हैं कुछ ऐसे हीं सवाल जिसे हल करना सभी के बस की बात नही होती है।
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